कार्तिक अमावस्या पर प्रदोष काल में होगी मां लक्ष्मी की आराधना, घरों और प्रतिष्ठानों में की जाएगी सुख-समृद्धि की कामना
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। दीपों का पर्व दीपावली रविवार, 8 नवंबर को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बनी हुई है। घरों और प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई एवं सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजन करने पर घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का वास होता है।


हरिद्वार क्षेत्र के पंचांग के अनुसार दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 48 मिनट से रात 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। यह समय प्रदोष काल में वृषभ स्थिर लग्न का है। वहीं प्रदोष काल शाम 5 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट से प्रारंभ होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी।


आचार्य डॉक्टर रजनीश शास्त्री के अनुसार दीपावली का पर्व आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन करना शुभ माना जाता है। पूजा से पहले घर और पूजा स्थल को स्वच्छ रखना चाहिए। पूजन स्थल पर चौकी स्थापित कर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं और मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान करें। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य और मिठाई आदि अर्पित करते हुए विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।


उन्होंने बताया कि दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश, अज्ञान से ज्ञान और निराशा से आशा की ओर बढ़ने का संदेश भी देता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाने की परंपरा है। मां लक्ष्मी की आराधना के साथ भगवान गणेश का पूजन करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

आचार्य ने श्रद्धालुओं से अपील की कि दीपावली पर पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य शामिल हों और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्व मनाएं। साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कम प्रदूषण वाले दीपावली उत्सव को प्राथमिकता दें।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies