
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने किसानों को दी जानकारी, नीलामी प्रक्रिया की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार; शासन स्तर की मांगें भेजी गईं शासन को
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। इकबालपुर शुगर मिल के भविष्य और किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। शनिवार को रुड़की तहसील स्थित सभागार भवन में भारतीय किसान यूनियन रोड के पदाधिकारियों और किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ के साथ बैठक कर अपनी विभिन्न समस्याएं उठाईं। इस दौरान किसानों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली, स्मार्ट मीटर लगाने और इकबालपुर शुगर मिल को दोबारा संचालित कराने की मांग प्रमुखता से रखी।
बैठक में किसानों ने विद्युत विभाग पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए गए तो किसान इसका कड़ा विरोध करेंगे। किसानों का कहना था कि इकबालपुर शुगर मिल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है। मिल के दोबारा संचालन से हजारों किसान परिवारों को राहत मिलने के साथ ही मिल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी रोजगार मिल सकेगा। किसानों ने मिल के बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि किसानों की कुछ मांगें शासन स्तर से संबंधित थीं, जिन्हें शासन को भेज दिया गया है, जबकि स्थानीय स्तर की कुछ मांगों का समाधान कर दिया गया है।इकबालपुर शुगर मिल की नीलामी प्रक्रिया पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से किसानों के साथ हुई बैठक में किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की बात कही गई है, जिससे किसानों को उनका पैसा मिल सके और वे अपने बैंक का कर्ज चुका सकें।
हालांकि, इकबालपुर शुगर मिल को भविष्य में दोबारा संचालित किया जाएगा या नहीं, इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं की। उन्होंने कहा कि अभी इस संबंध में कुछ कहना संभव नहीं है। नीलामी प्रक्रिया और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें बकाया गन्ना भुगतान कब मिलेगा और इकबालपुर शुगर मिल का पहिया दोबारा कब घूमेगा? फिलहाल किसानों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और नीलामी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies