

मालवीय चौक पर हवन-यज्ञ के साथ सांकेतिक धरने की शुरुआत, संस्थान में रिसीवर नियुक्त करने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। बीएसएम शिक्षण संस्थान की संपत्ति को लेकर भारतीय ब्राह्मण समाज ने आवाज बुलंद की है। बुधवार को मालवीय चौक पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने सांकेतिक धरना देकर संपत्ति पर कथित कब्जे की जांच कराने और संस्थान में रिसीवर नियुक्त करने की मांग उठाई। समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिस संपत्ति को वर्ष 1934 में ब्राह्मण समाज ने दान देकर शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए उपलब्ध कराया था, उस पर पिछले करीब 40 वर्षों से एक परिवार का कब्जा है। समाज ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 29 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
धरने के दौरान भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि बीएसएम शिक्षण संस्थान की संपत्ति ब्राह्मण समाज से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, वर्ष 1934 में समाज की ओर से दान दी गई संपत्ति पर शिक्षण संस्थान का निर्माण कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार दशकों से एक परिवार ने इस संपत्ति पर कब्जा कर रखा है। उन्होंने संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 1200 करोड़ रुपये बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

संस्थान में रिसीवर नियुक्त करने की मांग
सतीश शर्मा ने कहा कि संपत्ति से जुड़े मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने और मामले का समाधान होने तक बीएसएम शिक्षण संस्थान में रिसीवर नियुक्त किया जाए, ताकि संस्थान की संपत्ति और उससे संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज अपनी संपत्ति से जुड़े मामले को लेकर गंभीर है और इस संबंध में आवाज उठाता रहेगा।
अनुमति नहीं मिलने पर सांकेतिक रहा धरना
भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार को धरना देने की अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम को सांकेतिक रूप में आयोजित किया गया। धरने की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ की गई। इसके बाद पंडित मदन मोहन मालवीय के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाज के लोगों ने संपत्ति से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग दोहराई।समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सांकेतिक धरना आंदोलन की शुरुआत है। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो 29 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
इस दौरान मामले की जांच, संस्थान में रिसीवर की नियुक्ति और संपत्ति से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।कार्यक्रम में बिट्टू शर्मा, राजकुमार दुखी, सम्राट शर्मा सहित भारतीय ब्राह्मण समाज के अन्य लोग उपस्थित रहे।
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