
आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले— शिक्षा के साथ नैतिकता जरूरी, संस्कार रहित शिक्षा से बढ़ती है अराजकता
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की।त्यागी कल्याण एवं विकास समिति के तत्वावधान में रुड़की में मेधावी छात्र-छात्राओं और समाज के वरिष्ठ जनों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और विभिन्न व्यावसायिक परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले 110 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 80 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके समाज के वरिष्ठ जनों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने युवाओं को शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिकता अपनाने का संदेश दिया।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिरुद्ध त्यागी ने की, जबकि संचालन एडवोकेट बृजेश त्यागी और समिति के महामंत्री श्याम कुमार त्यागी ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि आचार्य प्रमोद कृष्णम का समिति के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

शिक्षा के साथ नैतिकता भी जरूरी: आचार्य प्रमोद कृष्णम
मुख्य अतिथि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए शिक्षा और संस्कारों के समन्वय के साथ भविष्य निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा के साथ नैतिकता का होना अत्यंत आवश्यक है। संस्कार रहित शिक्षा समाज और राष्ट्र में अराजकता तथा अव्यवस्था को बढ़ावा देती है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

110 मेधावियों को मिला सम्मान
समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले 110 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में हाईस्कूल के अनुरूप त्यागी, अनिरुद्ध त्यागी, युग त्यागी, श्रेष्ठ त्यागी और भव्य त्यागी सहित अन्य विद्यार्थी शामिल रहे। इंटरमीडिएट में अर्णव त्यागी और वंशिका त्यागी सहित अन्य मेधावियों को सम्मानित किया गया। बीएड और अन्य पाठ्यक्रमों में उपलब्धि हासिल करने वाले आयुषी त्यागी, विधि त्यागी, प्रखर त्यागी, आरव त्यागी, पार्थ त्यागी और पीहू त्यागी सहित कई विद्यार्थियों को भी सम्मान मिला।
इसके अतिरिक्त गृह मंत्रालय में चयनित होने पर शिवांश त्यागी तथा अपनी विशेष उपलब्धियों के लिए अर्णव त्यागी और एमडी आर्य त्यागी को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समाज के उन वरिष्ठ जनों को भी सम्मान प्रदान किया गया, जिन्होंने 80 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।

संस्कार और शिक्षा समाज की रीढ़: डॉ. राकेश त्यागी
समिति के वरिष्ठ संरक्षक डॉ. राकेश त्यागी ने कहा कि संस्कार और शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं। जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ती है, तभी सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को प्रेरित करने के साथ समाज को एकजुट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध त्यागी ने मुख्य अतिथि और उपस्थित वरिष्ठ जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवा देश और समाज का भविष्य हैं। उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। समारोह के दौरान सम्मान समारोह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया।

इस अवसर पर धर्मपाल त्यागी, सतीश त्यागी, बैरिस्टर भान त्यागी, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नरेश त्यागी, त्यागी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष नवीन त्यागी, विकास त्यागी, परितोष त्यागी, संजीव त्यागी, बृजेश फौजी, मुनेश त्यागी,मोहित त्यागी,एडवोकेट रतन त्यागी, मास्टर प्रदीप त्यागी, शिवकुमार त्यागी, उमेश त्यागी, संदीप त्यागी, आदेश त्यागी, योगेश त्यागी, प्रमोद त्यागी, राकेश त्यागी, अमित त्यागी, अनंत त्यागी, आयुष त्यागी, तरुण त्यागी, विवेक त्यागी, राहुल त्यागी, सोनू त्यागी, सौरभ त्यागी, ओम दत्त त्यागी, कुलभूषण त्यागी, गुरुदत्त त्यागी, माधव राम त्यागी, मुकेश त्यागी, एडवोकेट सुशील त्यागी, अनिल त्यागी, अरुण त्यागी, नंदकिशोर त्यागी, अनुराग त्यागी और नितिन त्यागी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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