दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। रुड़की स्थित शेफील्ड स्कूल में आयोजित कौशल बोध मेले में विद्यार्थियों ने रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल का प्रदर्शन किया। मेले में पुरानी वस्तुओं से उपयोगी सामान तैयार कर पुनः उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया।
शेफील्ड स्कूल में आयोजित कौशल बोध मेले में पुराने पेंटिंग ब्रश से बनी वॉल हैंगिंग, दीपावली की सजावटी वस्तुएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संबंधित स्टॉल और पुराने कपड़ों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने वाला थ्रिफ्ट स्टोर मुख्य आकर्षण रहे।विद्यार्थियों ने रीठे से शैंपू और कंडीशनर, साबुन, हैंडवॉश, क्रीम, इत्र और डियोड्रेंट सहित कई उत्पाद भी तैयार किए। इसके अलावा प्राकृतिक फर्श और टाइल क्लीनर प्रदर्शित किए गए।खाद्य स्टॉल पर चाउमीन, मोमो, सैंडविच, सलाद, भेलपुरी, फ्रूट चाट, पकौड़े, कचौड़ी, समोसे और गोलगप्पे सहित विभिन्न व्यंजन परोसे गए। मनोरंजक खेलों ने भी मेले में लोगों का ध्यान खींचा।आयोजन में अध्यापिकाओं किरण पाल, दीपाली और चंद्रकला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेले का मार्गदर्शन जिला परियोजना प्रबंधक निशांत कुमार शर्मा, प्रधानाचार्या डॉ. रुचि रावत, डायरेक्टर दिनेश कुमार शर्मा और चेयरमैन डॉ. राहुल विष्णोई ने किया।विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा मिलती है। साथ ही उनमें नवाचार, उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होती है।
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