दैनिक रुड़की (फिरोज खान)::
मंगलौर। नगर के हनुमान चौक पर मंगलवार को दशहरे के पावन पर्व पर हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनोखी और दिल को छू लेने वाली मिसाल देखने को मिली। जब पूर्व विधायक स्वर्गीय हाजी सरवत करीम अंसारी के पुत्रों आमिर अंसारी और उबेदुर रहमान उर्फ मोंटी ने अपने समर्थकों के साथ दशहरे के भव्य जुलूस का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया है
हर साल की भांति इस साल भी विजयदशमी के अवसर पर नगर में दशहरा और रामलीला कमेटी द्वारा भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर के मुख्य बाजारों से होता हुआ जैसे ही हनुमान चौक पर पहुंचा वहां पहले से मौजूद आमिर अंसारी और उबेदुर रहमान उर्फ मोंटी ने अपनी पूरी टीम के साथ सभी झांकियों में शामिल कलाकारों और रामलीला कमेटी के सदस्यों का फूल-माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। जुलूस के स्वागत के बाद हनुमान चौक पर ही एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में दोनों भाइयों ने दशहरा और रामलीला कमेटी के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में लगे चौकी प्रभारी नितिन बिष्ट व अन्य पुलिस स्टाफ को भी सम्मानित करने का काम किया। पुलिस का सम्मान कर उन्होंने एकता के साथ-साथ कानून व्यवस्था का सम्मान करने का भी संदेश दिया। इस अवसर पर आमिर अंसारी ने कहा कि ये मंगलौर की गंगा-जमुनी तहजीब है। मेरे पिता स्वर्गीय हाजी सरवत करीम अंसारी जी ने हमेशा यही सिखाया है कि त्योहारों में कोई हिंदू-मुसलमान नहीं होता। त्योहार सबके होते हैं। दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है और हम सबको मिलकर इसे मनाना चाहिए। हनुमान चौक पर आज जो एकता दिखी है वही हमारे मंगलौर की असली पहचान और ताकत है।वहीं उबेदुर रहमान उर्फ मोंटी ने कहा कि उनके पिता के समय से ही यह परंपरा चली आ रही है। हाजी सरवत करीम अंसारी जी हमेशा सभी धर्मों के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और हम दोनों भाई उनके दिखाए हुए रास्ते पर ही चल रहे हैं और आगे भी इस परंपरा को कायम रखेंगे। मंगलौर में कभी भी हिंदू-मुस्लिम के बीच कोई भेदभाव नहीं रहा है। इसके बाद दोनों भाइयों द्वारा वहाँ मौजूद सभी लोगों को हलवा वितरण कर दशहरे की बधाई और शुभकामनाएं दी गई। दशहरा कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि अंसारी परिवार हर साल उनके जुलूस का इसी तरह दिल से स्वागत करता है। उनका यह प्यार और सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता की एक बड़ी मिसाल है। कार्यक्रम के दौरान हनुमान चौक पर बड़ी संख्या में दोनों समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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