
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। गणपति विहार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मनुष्य के जीवन में सरलता, वात्सल्य और भक्ति का भाव जागृत करती हैं। उनकी लीलाओं से प्रेरणा लेकर हमें अधर्म का विनाश करते हुए मानव समाज को सत्य, प्रेम, करुणा और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का नाश कर यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति में विनम्रता का भाव होना आवश्यक है। अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बनता है, जबकि विनम्रता और भक्ति उसे ईश्वर के करीब ले जाती है।
कथा में पहुंचे पूर्व मेयर गौरव गोयल ने आचार्य स्वास्तिक जी महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा का विशेष महत्व है। कथा के श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि तथा खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होता है।
इस अवसर पर आयोजक रमेश चंद्र शर्मा, यशपाल सिंह, विकास पोसवाल, ब्रज मोहन त्यागी, सुभाष यादव, गोपाल सैनी, पवन त्यागी, ज्ञानेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies