सीवर चेंबर के पास ट्रैक्टर का पहिया पड़ते ही बैठ गई सड़क; पार्षद चारु चंद्र बोले—बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। शहर में सड़क धंसने और बैठने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गणेशपुर में सड़क धंसने का मामला अभी चर्चा में ही था कि अब पश्चिमी अंबर तालाब, वार्ड नंबर-30 में भी सड़क के अचानक धंसने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार सुबह सीवर चेंबर के नजदीक ट्रैक्टर गुजरने के दौरान सड़क का एक हिस्सा उसके पहिए के दबाव से नीचे बैठ गया। घटना के बाद सड़क के नीचे खोखलेपन की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्रीय पार्षद चारु चंद्र का कहना है कि वार्ड में सड़क के बैठने और धंसने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। विशेष रूप से उन स्थानों पर बार-बार सड़क धंसने की शिकायत सामने आती है, जहां पाइपलाइन अथवा सीवरेज लाइन डाली गई है। उनका कहना है कि इस संबंध में उनके द्वारा कई बार नगर निगम के अधिकारियों और निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
हाल ही में बनी सड़क, फिर सामने आई कमजोरी
स्थानीय लोगों के मुताबिक संबंधित क्षेत्र में हाल ही में सड़क निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद सड़क का दोबारा बैठ जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सड़क के नीचे की भराई को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क के नीचे पाइपलाइन या सीवरेज लाइन डालने के बाद मिट्टी की उचित भराई और दबाई नहीं हुई है, तो ऊपर से नई सड़क बना देने के बावजूद समस्या दोबारा सामने आ सकती है।
पार्षद चारु चंद्र ने कहा कि सिर्फ सड़क के ऊपर से मरम्मत करने के बजाय यह पता लगाया जाना जरूरी है कि सड़क के नीचे आखिर समस्या क्या है। उन्होंने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और जहां भी सड़क बार-बार बैठ रही है, वहां स्थायी रूप से समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
“कब तक पैबंद लगाकर चलेगा काम?”
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क धंसने के बाद उनके घरों के सामने आवाजाही में परेशानी हो रही है। भारी वाहन गुजरने पर स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि यदि सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही वह दोबारा बैठने लगे तो इसकी जिम्मेदारी तय कौन करेगा?
पार्षद ने मांग की है कि क्षेत्रीय विधायक, मेयर और नगर निगम के उच्च अधिकारी मामले का तत्काल संज्ञान लें, मौके का निरीक्षण कराएं और सड़क के नीचे की स्थिति की जांच कराकर स्थायी समाधान कराएं।गणेशपुर के बाद अब पश्चिमी अंबर तालाब में सामने आई सड़क धंसने की घटना ने रुड़की में सड़क निर्माण, पाइपलाइन-सीवरेज कार्य के बाद होने वाली भराई और गुणवत्ता की निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस बार सिर्फ धंसे हिस्से पर मरम्मत कराते हैं या सड़क के नीचे छिपी वास्तविक समस्या का स्थायी समाधान भी करते हैं।
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