दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
बहादराबाद। शांतरशाह में हैप्पी हत्याकांड का बहादराबाद पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। शनिवार देर रात नहर पटरी पर चेकिंग के दौरान पुलिस और बाइक सवार दो संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद करने का दावा किया है।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने बताया कि 14 सितंबर को पतंजलि रोड स्थित देव धर्म कांटा, शांतरशाह के पास हैप्पी (28) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई कपिल की तहरीर पर बहादराबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमों को लगाया गया था।
चेकिंग में रोका तो पुलिस पर बरसाईं गोलियां

पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर रात नहर पटरी स्थित तिरछा पुल के पास चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो आरोप है कि दोनों ने तमंचे से पुलिसकर्मियों पर फायर कर दिया। इसके बाद बाइक मोड़कर कलियर की ओर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो दोनों दौलतपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर बाइक छोड़कर झाड़ियों में छिप गए।और झाड़ियों से भी दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस ने आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। कुछ देर बाद तलाशी लेने पर नदी की ओर जाने वाली ढलान पर एक युवक घायल हालत में मिला।घायल युवक ने अपना नाम मुदस्सिर (20) पुत्र जमशेद, निवासी दतौली रांगड़, थाना कोतवाली देहात, सहारनपुर बताया। उसके बाएं पैर की पिंडली में गोली लगी थी। पुलिस ने उसे उपचार के लिए मेला अस्पताल हरिद्वार भेजा। पुलिस के अनुसार, मौके से 315 बोर का तमंचा, दो खोखे, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और काले रंग की स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। दूसरा संदिग्ध फरार है।
मुखबिरी के शक से शुरू हुई थी रंजिश
जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और पैसों की मांग का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि वर्ष 2022 में इस्तकार उर्फ इस्तयाक के खिलाफ जनकपुरी थाने में एक युवती से संबंधित मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। इस्तकार को शक था कि उसकी गिरफ्तारी में हैप्पी ने पुलिस को सूचना दी थी।इसके बाद दोनों के बीच रंजिश चल रही थी।पुलिस का दावा है कि जेल से बाहर आने के बाद इस्तकार नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल हो गया।और हैप्पी उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी देता था और बाद में पैसों की मांग भी करने लगा। इसी विवाद के चलते इस्तकार ने साथियों के साथ मिलकर हैप्पी की हत्या की योजना बनाई।12 सितंबर को घटनास्थल की रेकी की गई और 14 सितंबर को गोली मारकर हैप्पी की हत्या कर दी गई।वही मामले में फरार आरोपी समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
अस्पताल पहुंचे एसएसपी
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही एसएसपी नवनीत सिंह अस्पताल पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने घायल आरोपी की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के साथ फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक निर्देश दिए।और कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी हरिद्वार की ओर से 2,500 रुपये और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र की ओर से 5,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। टीम में बहादराबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह, व0उ0नि0 अशोक सिरसवाल, उ0नि0 विकास रावत, उ0नि0 अजय कुमार, उ0नि0 हेमदत्त भारद्वाज, कांस्टेबल सतेन्द्र चौधरी, बलवंत सिंह, अरुण चमोली, हिमांशु पंत, विकास थापा, अवनेश राणा, हेड कांस्टेबल राजवर्धन और कांस्टेबल चंदन,सीआईयू हरिद्वार निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट, कांस्टेबल दीपगौड़, हरवीर सिंह, उमेश, वसीम और नरेंद्र,सीआईयू रुड़की निरीक्षक रविंद्र शाह, अ0उ0नि0 अश्वनी, कांस्टेबल रविंद्र खत्री, महिपाल, मनमोहन भंडारी, राहुल, आशीष शर्मा और अजय काला, टीम बुग्गावाला थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा, सिडकुल थानाध्यक्ष अजय शाह , उ0नि0 खेमेंद्र गंगवार, उ0नि0 देवेंद्र तोमर, उ0नि0 उमेश कुमार, अ0उ0नि0 युवराज सिंह, हेड कांस्टेबल सोहन राणा, कांस्टेबल गजेंद्र सिंह, नवीन क्षेत्री, दीपक दानू, जितेंद्र मलिक, सतेन्द्र रावत, संजय ठाकुर और अंकित कुमार।
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