
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को मुख्यमंत्री धामी ने सौंपा नियुक्ति पत्र, चुनावी सरगर्मी के बीच नियुक्ति से सियासी हलचल तेज
दैनिक रुड़की (रियाज कुरैशी)::
देहरादून। लंबे समय से रिक्त चल रहे उत्तराखंड किसान आयोग के अध्यक्ष पद पर आखिरकार नियुक्ति हो गई। धामी सरकार ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. राजेंद्र सिंह को किसान आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौ. राजेंद्र सिंह को नियुक्ति पत्र सौंपा और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नियुक्ति की खबर सामने आते ही राजनीतिक और किसान संगठनों से जुड़े हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
नई जिम्मेदारी मिलने पर चौ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जवाबदेही भी है। प्रदेश के किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सरकार के समक्ष रखा जाएगा। किसान हित से जुड़े विषयों के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
किसान आयोग के अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली था। इस महत्वपूर्ण पद को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चाएं चल रही थीं। कई नेताओं के नाम भी इस जिम्मेदारी के लिए चर्चा में बताए जाते रहे। ऐसे में चौ. राजेंद्र सिंह की नियुक्ति को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके चौ. राजेंद्र सिंह का ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के बीच सक्रिय संपर्क रहा है। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता के चलते उन्हें प्रदेश की राजनीति में अनुभवी चेहरा माना जाता है। जिला पंचायत की राजनीति में रणनीति और समीकरण साधने के लिए भी उनकी पहचान रही है। इसी वजह से राजनीतिक हलकों में उन्हें कई बार ‘राजनीति का चाणक्य’ भी कहा जाता रहा है।
किसानों से जुड़े मुद्दों पर रहेगी नजर
किसान आयोग के अध्यक्ष के रूप में चौ. राजेंद्र सिंह के सामने प्रदेश के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को आयोग के स्तर पर उठाने की जिम्मेदारी होगी। कृषि, सिंचाई, फसलों के उचित दाम, किसानों की समस्याओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर आयोग की भूमिका अहम मानी जाती है। ऐसे में किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए प्रभावी समन्वय स्थापित करना उनके सामने प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
चुनावी सरगर्मी के बीच नियुक्ति ने बढ़ाई चर्चाएं
प्रदेश में चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले मिली इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। सरकार की ओर से नियुक्ति को किसान हित से जुड़ी जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। फिलहाल चौ. राजेंद्र सिंह के सामने किसान आयोग की कमान संभालकर किसानों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती है।
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