दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। अंजुमन Anshuman मुस्तफा सोसायटी की ओर से जश्न-ए-गौसुल आजम (ग्यारहवीं शरीफ) का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर अकीदत का इजहार किया। बरेली शरीफ की खानकाह-ए-शराफतिया सकलैनियां के गद्दीनशीन शाह गाजी मियां मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। अकीदतमंदों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।
बुधवार को दरगाह बाबा गुलाम जिलानी से जुलूस की शक्ल में शाह गाजी मियां,साहिबजादा शाह यावर मियां, सूफी राशिद अली साबरी, हाजी गुलशाद सिद्दीकी और मुनव्वर अली साबरी समेत अकीदतमंद दरबार-ए-साबरी पहुंचे। यहां चादरपोशी और फातिहाख्वानी की गई। शाह यावर एजाज कुद्दुसी साबरी ने देश में अमन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ कराई।इसके बाद नातख्वानों ने नातिया कलाम पेश किए। नातों की महफिल में अकीदतमंद अकीदत में झूमते नजर आए। कार्यक्रम के बाद नमाज-ए-जुहर के पश्चात सज्जादानशीन की कोठी पर लंगर-ए-आम कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।हाजी गुलशाद सिद्दीकी ने कहा कि जश्न-ए-गौसुल आजम का उद्देश्य लोगों में मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश पहुंचाना है। मुनव्वर अली साबरी ने कहा कि बुजुर्गाने दीन की जिंदगी इंसानियत और खिदमत की प्रेरणा देती है। सूफी राशिद अली साबरी ने देश में अमन और भाईचारे के लिए दुआ की।सोसायटी के सेक्रेट्री राहिल कुरैशी ने बताया कि कार्यक्रम में दूर-दराज से भी अकीदतमंद पहुंचे। इस दौरान कुरआनख्वानी, फातिहा, नातख्वानी, चादरपोशी और लंगर समेत विभिन्न कार्यक्रम हुए। इस मौके पर आलम सैफी, कल्लू भाई, परवेज आलम, फैसल खान उर्फ मोंटू, आदिल कुरैशी, सावेज खान, शाहबाज उर्फ गुल्लू, शम्स अली साबरी, रिहान कुरैशी, वाजिद अंसारी, रियाज कुरैशी, रईस अंसारी, हाजी गुलजार, शफीक साबरी और शालू कुरैशी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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