दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, नहर गंगा किनारे स्थित पराशर ज्योतिष केंद्र में सोमवार को हरतालिका तीज का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा। मंदिर में दिन में 11 बजे भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश परिवार का विधि-विधान से पूजन किया गया तथा कथा का आयोजन हुआ।
पंडित राम गोपाल पाराशर ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए यह व्रत किया था। जब उनका विवाह भगवान विष्णु के साथ तय किया जा रहा था, तब माता पार्वती दुखी हुईं। उनकी सहेली उन्हें हिमालय की गुफा में ले गई, जहां उन्होंने बालू से शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की आराधना की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और वरदान दिया।
उन्होंने बताया कि हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की पार्थिव पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान दूध, दही, बेलपत्र और शृंगार सामग्री से पूजन किया जाता है। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना से तथा कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं। व्रत का पारायण अगले दिन प्रातः स्नान के बाद सौभाग्य सामग्री अर्पित कर किया जाता है।
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