
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं ने शुक्रवार को उस समय जोर पकड़ लिया, जब मीडिया के कुछ हिस्सों में उनके कांग्रेस से इस्तीफा देने की खबरें प्रसारित हुईं। हालांकि, हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इन खबरों का खंडन करते हुए साफ किया कि उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता छोड़ने की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता उनके खून और हड्डियों में है और हरीश रावत जो कुछ भी हैं, उसमें कांग्रेस का बड़ा योगदान है।

हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने देहरादून में ईडी की कार्रवाई के बाद केवल कांग्रेस के उन पदों से हटने की इच्छा जताई थी, जो उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईडी की कार्रवाई से कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है तो वह प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्य और एआईसीसी कार्यसमिति के सदस्य के पद से त्यागपत्र देना चाहेंगे।
उन्होंने मीडिया से अपने मूल पोस्ट को पूरी तरह पढ़ने और खबर को दुरुस्त करने का आग्रह किया। रावत की इस सफाई के बाद उनके कांग्रेस छोड़ने की चर्चाओं पर विराम लग गया है।
पहले पोस्ट में जताई थी सहयोगी को लेकर नाराजगी
इससे पहले हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर देहरादून में अपने पूर्व ओएसडी से जुड़े ईडी प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ के आरोप सही साबित होते हैं तो वह इस कृत्य के लिए लज्जित होंगे, हालांकि उन्होंने आरोपों पर विश्वास नहीं होने की बात भी कही थी।

रावत ने यह भी कहा था कि उत्तराखंड चुनाव में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा है और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे में यदि उनके किसी कृत्य से पार्टी के संघर्ष को नुकसान पहुंचता है तो वह ऐसा नहीं चाहेंगे। इसी कारण उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के अपने पदों से हटने की इच्छा जताई थी।
उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि उनके तीन वर्ष के कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियां हुईं। साथ ही उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में अपने स्तर से किसी भी प्रकार की चूक के प्रमाण होने पर उन्हें सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस के सामने रखने की अपील भी की थी।
अब नई पोस्ट में रावत ने कांग्रेस छोड़ने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके बयान से साफ है कि मुद्दा कांग्रेस की सदस्यता छोड़ने का नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर अपने पदों से हटने की इच्छा जताने का था।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies