
दैनिक रुड़की ब्यूरो::
रुड़की। वर्ष 2019 में पत्रकार वार्ता कर भाजपा नेता सुशील त्यागी पर बिजली विभाग में ठेके दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप लगाने के मामले में न्यायालय ने संजय गुप्ता को दोषसिद्ध किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुड़की के न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत निर्णय सुनाते हुए आरोपी को एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर छोड़ा है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार परिवाद संख्या 4595/2019 में आरोपी संजय गुप्ता पुत्र साधुराम गुप्ता को धारा 500 भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध के आरोप में दोषसिद्ध किया गया। न्यायालय ने परिवीक्षा अधिनियम के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को 70 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने के आधार पर एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा का लाभ दिया।
बताया गया है कि दस अगस्त 2019 में संजय गुप्ता ने पत्रकार वार्ता कर भाजपा नेता सुशील त्यागी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बिजली विभाग में ठेके दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये लिए और ठेके नहीं दिलाए। पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोप विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए थे।
इन आरोपों को लेकर सुशील त्यागी न्यायालय गए उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेष भावना के चलते उनके ऊपर इस प्रकार के आरोप लगाए गए हैं उन्होंने कहा था कि वह भाजपा में कई प्रमुख पदों पर कार्य करने के साथ समाज में अपना अच्छा स्थान रखते हैं लेकिन इन आरोपों के लगने और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है और समाज में छवि धूमिल हुई है। सुशील त्यागी ने संजय गुप्ता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा न्यायालय में दायर किया था। इसी परिवाद पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने संजय गुप्ता को धारा 500 के तहत दोषसिद्ध किया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि परिवीक्षा अवधि के दौरान आरोपी को सदाचरण बनाए रखना होगा। इस अवधि में यदि उसे न्यायालय द्वारा आहूत किया जाता है तो उसे स्वयं उपस्थित होना होगा। बंधपत्र अथवा अंडरटेकिंग में वर्णित किसी शर्त का उल्लंघन करने पर उसे न्यायालय में उपस्थित होकर दंडादेश भुगतना होगा। आरोपी को एक वर्ष की अवधि के दौरान परिवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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