दैनिक रुड़की (योगराज पाल)
रुड़की। रुड़की नगर निगम की सिविल लाइंस स्थित आवासीय कॉलोनी गांधी वाटिका परिसर में हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने से नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में न तो नगर की महापौर अनीता अग्रवाल को जानकारी थी और न ही मुख्य नगर आयुक्त को। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसकी अनुमति और किसके संरक्षण में सरकारी परिसर के पेड़ काट दिए गए।

जहां एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी आवासीय कॉलोनी में ही बिना अनुमति हरे-भरे पेड़ों की कटाई होना कई सवाल खड़े करता है।मुख्य नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि उन्हें दो दिन पहले गांधी वाटिका परिसर में पेड़ काटे जाने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी में करीब चार पेड़ काटे जाने की बात सामने आई थी, लेकिन मौके का निरीक्षण करने पर पांच से अधिक पेड़ कटे मिले।
उन्होंने कहा कि बिना किसी अनुमति के अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पेड़ों की कटाई की गई है, जिसके संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है।वहीं, जब इस मामले में महापौर अनीता अग्रवाल से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। इसके बाद उनके प्रतिनिधि मोहन अग्रवाल ने बताया कि उन्हें इस घटना की पहले कोई जानकारी नहीं थी।
मुख्य नगर आयुक्त से सूचना मिलने के बाद उन्होंने भी मामले को गंभीर बताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही।इस मामले में जब वन विभाग के एसडीओ ज्वाला प्रसाद गौड़ से बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय में पेड़ काटने के लिए न तो कोई आवेदन प्राप्त हुआ है और न ही वन विभाग की ओर से किसी प्रकार की अनुमति जारी की गई है। ऐसे में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई का मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम की आवासीय कॉलोनी में आखिर किसके इशारे पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई की गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। पुलिस शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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