
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
रुड़की। स्मार्ट मीटर के विरोध को लेकर पार्षदों पर पैसे लेने का आरोप लगाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। पार्षदों द्वारा उनके खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद कांग्रेस महानगर अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने एक बार फिर पलटवार करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर खुली चुनौती दी।
सिविल लाइंस स्थित अपने कैंप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि यह मामला केवल स्मार्ट मीटर तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर पार्षदों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने दावा किया कि एक पार्षद ने ही पहले बोर्ड बैठक से पूर्व अन्य पार्षदों पर 11-11 हजार रुपये के लिफाफे लेने का आरोप लगाया था। ऐसे में पार्षदों को जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुछ पार्षदों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश पार्षदों ने स्मार्ट मीटर का खुलकर विरोध नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस कार्यकर्ता यूजर चार्ज के विरोध में नगर आयुक्त से मिले थे, तब नगर आयुक्त ने बताया था कि यूजर चार्ज बोर्ड बैठक में पारित किया गया है। ऐसे में पार्षद जनता को बताएं कि उन्होंने यूजर चार्ज का समर्थन क्यों किया।

चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि पार्षद स्पष्ट करें कि वे यूजर चार्ज के पक्ष में हैं या उसके विरोध में। उन्होंने आरोप लगाया कि आखिर ऐसा कौन सा लालच है जिसके कारण जनविरोधी फैसलों पर सहमति दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्षद जनता के बीच जाकर शपथ लें कि वे निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का कमीशन नहीं लेते हैं। यदि वे ईमानदार हैं तो जनता के सामने यह बात स्पष्ट करें। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी और यदि जरूरत पड़ी तो कथित भ्रष्टाचारी पार्षदों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने पार्षदों को सलाह दी कि वे व्यक्तिगत विवादों में उलझने के बजाय जनहित के मुद्दे उठाएं, अपने वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दें और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य करें। पत्रकार वार्ता में लवी त्यागी, सरदार कुलविंदर सिंह और संजय तोमर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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