
दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। मानसून की पहली ही तेज बारिश ने दरगाह प्रशासन के मानसून से पूर्व तैयारियों के दावों की हकीकत सामने ला दी। देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश से बाजारों में जलभराव होने से बरसात का गंदा पानी सीधे दरगाह साबिर पाक परिसर में पहुंच गया।
पवित्र परिसर में गंदा पानी भरने से अकीदतमंदों में भारी नाराजगी देखने को मिली और दरगाह प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल बारिश से पहले दरगाह प्रशासन नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और अतिक्रमण हटाने के दावे करता है।लेकिन इस बार भी व्यवस्थाएं कागजों तक ही सीमित रहीं।
मुख्य नालों की समय पर सफाई नहीं होने और उन पर हुए अतिक्रमण के कारण बारिश का पानी निकासी नहीं पा सका, जिससे बाजारों, अस्थायी दुकानों और दरगाह परिसर में जलभराव हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अकीदतमंदों ने अपने स्तर पर पानी को परिसर में जाने से रोकने का प्रयास किया,लेकिन निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उनके प्रयास सफल नहीं हो सके।
लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत ओर दरगाह प्रशासन के पास सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर की व्यवस्था होने के बावजूद न तो नियमित सफाई कराई गई और न ही जलनिकासी को लेकर कोई ठोस योजना बनाई गई। यही कारण है कि पिछले कई सालों की तरह इस बार भी पहली बारिश में ही पूरी व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आई।
साहिबजादा शाह यावर एजाज अली साबरी, मुनव्वर अली साबरी, शफीक साबरी, खालिद साबरी, अजीम सिद्दीकी, असद मियां, परवेज मलिक और इस्तिकार अली सहित कई अकीदतमंदों ने दरगाह परिसर में गंदा पानी पहुंचने पर गहरा रोष जताया। उन्होंने दरगाह प्रशासन से केवल दावे करने के बजाय स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने और नालों की नियमित सफाई कराने की मांग की है।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies