
दैनिक रुड़की ब्यूरो::
हरिद्वार। जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) अतुल प्रताप के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। शासन के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने बुधवार को हरिद्वार विकास भवन पहुंचकर शिकायतों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जांच की।
बताया गया है कि हरिद्वार निवासी सुशील त्यागी और भगवानपुर निवासी प्रदीप चौधरी ने जिला पंचायत राज अधिकारी के खिलाफ वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कई गंभीर बिंदु उठाए गए थे, जिनके आधार पर पंचायती राज विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए।
इसी क्रम में उत्तराखंड शासन के पंचायती राज अनुभाग-1 के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति बुधवार सुबह करीब 10 बजे विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पहुंची। समिति में संयुक्त सचिव पंचायतीराज ध्रुव मोहन सिंह राणा, संयुक्त निदेशक पंचायतीराज राजीव कुमार नाथ त्रिपाठी तथा मुख्य वित्त अधिकारी शशि सिंह शामिल हैं।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता सुशील त्यागी और प्रदीप चौधरी भी मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने समिति के समक्ष अपने आरोपों के समर्थन में शपथ पत्र, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। समिति ने शिकायतकर्ताओं के पक्ष को सुनने के साथ-साथ संबंधित अभिलेखों और विभागीय दस्तावेजों की भी गहन जांच की।
करीब चार घंटे तक चली इस जांच प्रक्रिया में दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया। सूत्रों के अनुसार समिति ने शिकायतों में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी जुटाई और उपलब्ध अभिलेखों का मिलान किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्य आधारित बताया है। जांच समिति अब सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उधर, उच्चस्तरीय जांच टीम के हरिद्वार पहुंचने और पूरे घटनाक्रम की विभागीय स्तर पर चर्चा होने से पंचायती राज विभाग में हलचल बनी हुई है। अब सभी की नजर जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट और शासन के अगले कदम पर टिकी है।
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