
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
रुड़की। उत्तराखंड सरकार द्वारा अनुराधा वालिया को माटी कला बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के निर्णय का प्रजापति समाज ने कड़ा विरोध किया है। समाज के लोगों का कहना है कि माटी कला बोर्ड का गठन प्रजापति (कुम्हार) समाज के हितों और उनके पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किया गया था, इसलिए बोर्ड के शीर्ष पदों पर समाज के प्रतिनिधियों को ही अवसर मिलना चाहिए।
गणेशपुर स्थित कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में आयोजित बैठक में प्रजापति जन कल्याण समिति के अध्यक्ष कर्म सिंह ने कहा कि प्रजापति समाज पीढ़ियों से मिट्टी के बर्तन और माटी कला से जुड़े कार्य करता आया है। समाज के संघर्ष और प्रयासों से ही माटी कला बोर्ड अस्तित्व में आया, जिसका उद्देश्य कुम्हार समाज के लोगों को सहयोग और प्रोत्साहन देना है।
उन्होंने कहा कि अनुराधा वालिया न तो प्रजापति समाज से संबंध रखती हैं और न ही माटी कला तथा इससे जुड़ी परंपराओं और समस्याओं की जानकारी रखती हैं। ऐसे में वह समाज के हितों की प्रभावी पैरवी कैसे कर पाएंगी। समाज की मांग है कि माटी कला बोर्ड में उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति प्रजापति समाज से ही की जाए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय समाज की भावनाओं के विपरीत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस लेकर प्रजापति समाज के किसी प्रतिनिधि को उपाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के साथ रहा है, लेकिन धामी सरकार का यह निर्णय उनके हितों के खिलाफ है। समाज ने सरकार से तत्काल नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और प्रजापति समाज के योग्य प्रतिनिधि को माटी कला बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाने की मांग की है। बैठक में कर्म सिंह, तेजपाल सिंह, मोहित कुमार, लक्ष्मीचंद, पदम सिंह, बॉबी प्रजापति, नरेश कुमार, इलम चंद, ओमवीर सिंह, रमेश चंद मास्टर, राजबल सिंह, रामकुमार और सुंदरलाल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
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