
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। गंगनहर किनारे स्थापित भगवान परशुराम की प्रतिमा को ध्वस्त किए जाने संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने के विरोध में ब्राह्मण समाज के युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। रविवार को बड़ी संख्या में समाज के युवाओं ने एकत्र होकर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा को हटाने या क्षति पहुंचाने का कोई प्रयास किया गया तो ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भगवान परशुराम ब्राह्मण समाज के आराध्य हैं और उनकी प्रतिमा समाज की आस्था एवं सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में प्रतिमा को हटाने संबंधी नोटिस लगाना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने प्रशासन और सिंचाई विभाग से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
पार्षद प्रतिनिधि शगुन शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम की प्रतिमा करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। यदि किसी अधिकारी या विभाग द्वारा प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज किसी भी कीमत पर अपनी आस्था के प्रतीक का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
वहीं बिट्टू शर्मा ने कहा कि समाज लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखता आया है, लेकिन यदि प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की गई तो युवा वर्ग आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का नहीं बल्कि समाज की धार्मिक भावनाओं और सम्मान का विषय है।
ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों और युवाओं ने घोषणा की कि 1 जून को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान भी किया। इस दौरान मयंक शर्मा, उज्ज्वल, अमित त्यागी, गौरव त्यागी, शुभम सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के युवा मौजूद रहे।
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