
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर शहर में विवाद खड़ा हो गया। एक महिला के पुराने लोन मामले में पुलिस के त्यागी परिवार के आवास पर पहुंचने के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस कर्मियों पर अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार मधु नाम की एक महिला ने करीब चार वर्ष पूर्व एक फाइनेंस कंपनी से लगभग 50 हजार रुपये का लोन लिया था। बताया गया कि महिला ने कुछ किस्तें जमा कीं, लेकिन बाद में आर्थिक तंगी के चलते वह नियमित भुगतान नहीं कर सकी। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया, जहां से महिला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए।
परिजनों का कहना है कि करीब चार दिन पहले महिला ने बकाया राशि, जो लगभग 40 हजार रुपये बताई जा रही है, जमा करा दी थी। इसके बावजूद शुक्रवार को सिविल लाइंस कोतवाली से दो वाहनों में पुलिस कर्मी पंकज त्यागी और नीरज त्यागी के आवास पर पहुंच गए।मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने घर पहुंचकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गिरफ्तारी का दबाव बनाया। आरोप यह भी है कि एक दरोगा और महिला कांस्टेबल का व्यवहार अत्यधिक आपत्तिजनक था, जिससे परिवार और आसपास के लोग आक्रोशित हो गए।
पंकज त्यागी ने कहा कि मधु उनके यहां घरेलू कार्य करती है और उसने लोन की राशि भी जमा कर दी है। उनका कहना है कि यदि पुलिस को कार्रवाई करनी थी तो महिला के घर जाकर करती, लेकिन उनके घर पहुंचकर अभद्रता करना पूरी तरह गलत है।घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
वहीं एसपी देहात शेखर चंद सुयाल का कहना है कि महिला के एनपीडबल्यू न्यायालय से जारी थे जिसका अनुपालन करने के लिए पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए गई तो महिला के बेटे ने महिला को त्यागी के आवास पर होना बताया इसलिए पुलिस वहां गई थी वहीं बात पुलिस कर्मियों द्वारा अभद्रता किए जाने की है तो मामले में जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई होगी।

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