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22-05-2026 20:29:34

आईआईटी रुड़की की बड़ी उपलब्धि: लिथियम-आयन बैटरी की दो अत्याधुनिक तकनीकें उद्योग को हस्तांतरित

दैनिक रुड़की (रियाज कुरैशी)::


रुड़की। Indian Institute of Technology Roorkee ने ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए प्रोफेसर अंजन सिल द्वारा विकसित लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रोड की दो अभिनव प्रौद्योगिकियों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम भारत के उन्नत ऊर्जा भंडारण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

आईआईटी रुड़की द्वारा विकसित इन दोनों तकनीकों को आगे के विकास और व्यावसायीकरण के लिए Cathion Energy Private Limited को हस्तांतरित किया गया है। हस्तांतरित तकनीकों में रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरी के लिए उच्च शक्ति एवं उच्च ऊर्जा अनुप्रयोग हेतु नवीन इलेक्ट्रोड कॉम्पोजिट तथा उच्च-प्रदर्शन कॉम्पोजिट इलेक्ट्रोड शामिल हैं।

इन तकनीकों का उद्देश्य लिथियम-आयन बैटरियों की ऊर्जा घनत्व, चार्जिंग क्षमता, विद्युत-रासायनिक प्रदर्शन और समग्र दक्षता को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों के अनुसार इन नवाचारों से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में कुशल एवं टिकाऊ ऊर्जा भंडारण समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर तकनीकों के आविष्कारक प्रोफेसर अंजन सिल ने कहा कि प्रयोगशाला स्तर के अनुसंधान को औद्योगिक अनुप्रयोगों में बदलना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम लंबे समय से ऐसी उन्नत इलेक्ट्रोड सामग्रियों के विकास पर कार्य कर रही थी, जो उच्च प्रदर्शन और विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण की बढ़ती जरूरतों को पूरा कर सकें।

वहीं कैथियन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. हरि राज ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ यह सहयोग ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ये तकनीकें भविष्य की बैटरी प्रणालियों को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाएंगी।

आईआईटी रुड़की के प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (एसआरआईसी) के अधिष्ठाता प्रोफेसर विवेक के. मलिक ने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण संस्थान के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे सहयोग अत्याधुनिक अनुसंधान को वास्तविक समाधान में बदलने के साथ-साथ राष्ट्रीय तकनीकी विकास को भी गति प्रदान करते हैं।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर कमल के. पंत ने कहा कि आईआईटी रुड़की प्रभावशाली अनुसंधान और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन बैटरी तकनीकों का हस्तांतरण उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में नवाचार को समर्थन देने की दिशा में संस्थान के निरंतर प्रयासों का प्रतीक है।

इन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों को आईआईटी रुड़की के एसआरआईसी के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ द्वारा सुगम बनाया गया, जो संस्थान में नवाचार, उद्यमिता और उद्योग सहभागिता को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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