
दैनिक रुड़की ब्यूरो::
रुड़की। हाईकोर्ट के एक अहम आदेश के बाद हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी की सदस्यता पर निलंबन की तलवार लटकती नजर आ रही है। यदि मामले में कार्रवाई होती है तो हरिद्वार जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
दरअसल यह मामला लक्सर निवासी विपिन पुत्र नकली द्वारा 05 दिसंबर 2023 को उत्तराखंड निर्वाचन आयोग में दी गई एक शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी ने 06 नवंबर 2022 को दाखिल अपने नामांकन पत्र में स्वयं को मानकपुर आदमपुर का मतदाता दर्शाया, जबकि वे नगर निगम रुड़की क्षेत्र की मतदाता सूची में भी दर्ज थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नामांकन के दौरान यह तथ्य छिपाया गया।
शिकायत में 2016 के नियम 91 (भाग-8) का हवाला देते हुए कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति किसी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत या छावनी परिषद की मतदाता सूची में दर्ज है तो वह पंचायत क्षेत्र की निर्वाचन नामावली में पंजीकरण का पात्र नहीं होगा। साथ ही अधिनियम की धारा 90 (4)(क) के तहत ऐसे व्यक्ति की पंचायत सदस्यता समाप्त हो सकती है।
बताया गया कि शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के बाद शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि नियमानुसार दोनों पक्षों को सुनकर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उर्फ किरण चौधरी ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जिला पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले ही उन्होंने शहरी क्षेत्र से अपना वोट कटवा लिया था। उनके अनुसार उनके अधिवक्ता द्वारा संबंधित दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यदि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें बुलाया जाता है तो वे सभी तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे।
अब सबकी नजर राज्य निर्वाचन आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है। यदि सदस्यता पर निर्णय होता है तो हरिद्वार जिले की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव संभव है।
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