दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। आर्य प्रतिनिधि सभा हरिद्वार द्वारा आर्य उपवन, रुड़की में आर्य समाज के पुरोधा एवं राष्ट्रधर्म संस्कृति के चिंतक, आदर्श शिक्षक, साहित्यकार और किसानों के मसीहा आर्यरत्न स्व. श्रद्धेय सुमंत सिंह आर्य की प्रथम स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन यज्ञ एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई।
स्मृति सभा में अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी, संत एवं आर्य समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने स्व. सुमंत सिंह आर्य के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को स्मरण किया।
इस अवसर पर प्रदीप बत्रा, स्वामी यतीश्वरानंद, आदेश चौहान, डॉ. जयपाल सिंह एवं श्यामवीर सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे।कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि स्व. सुमंत सिंह आर्य ने अपना संपूर्ण जीवन आर्य समाज के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार एवं समाज सुधार के कार्यों में समर्पित किया। उन्होंने सत्य, सादगी और सेवा के मार्ग पर चलते हुए समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने उन्हें त्याग और सेवा की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को संस्कारवान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने स्व. आर्य को आदर्श शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार एवं दार्शनिक बताते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना के लिए समर्पित रहा। वहीं राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह और श्यामवीर सैनी ने भी उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा स्व. सुमंत सिंह आर्य के जीवन, विचारों और आदर्शों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व प्रधान हाकम सिंह आर्य ने किया। इस अवसर पर स्व. आर्य के पुत्र कुंवर पाल सिंह एवं ब्रह्मपाल सिंह आर्य ने अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
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