
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
हरिद्वार। शिक्षक महासंघ, जनपद हरिद्वार के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से भेंट कर शिक्षकों और छात्रों को आ रही गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। महासंघ ने विशेष रूप से नई समय-सारिणी को बाल मनोविज्ञान के विपरीत बताते हुए जनगणना ड्यूटी में शिक्षकों के असंतुलित बोझ पर कड़ी आपत्ति जताई।

समय-सारिणी पर आर-पार की जंग
महासंघ ने मंत्री को स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू नई समय-सारिणी छोटे बच्चों के लिए व्यावहारिक नहीं है। महासंघ की मांग है कि या तो पूर्ववत समय-सारिणी बहाल की जाए या फिर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की अनुशंसाओं को पूर्णतः लागू किया जाए, जिसमें दो शनिवार अवकाश और दो शनिवार 'हाफ-डे' का प्रावधान है। शिक्षकों ने दो-टूक कहा कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जनगणना ड्यूटी पर मिली राहत
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जनगणना में शिक्षकों की अत्यधिक ड्यूटी लगने से स्कूलों में पठन-पाठन और प्रवेश प्रक्रिया ठप हो रही है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने मौके पर ही जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय से केवल 50% शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जाए, ताकि शेष 50% शिक्षक स्कूलों में शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से संचालित कर सकें। मंत्री ने जनगणना में अन्य विभागों के कार्मिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
भेंट करने वालों में राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश कुमार, पवन सैनी (जूनियर हाईस्कूल), राजेश सैनी (माध्यमिक), अश्विनी चौहान (प्राथमिक), विवेक सैनी, कीरत पाल सिंह, जितेंद्र सिंह, हेमेंद्र चौहान, अखिलेश मैठाणी, कृष्णानंद जोशी, गगनवीर सिंह, दीपक कुमार, मुकेश चौहान, राजेंद्र कुमार, कामिनी शर्मा, कंचन, ममता सिंह, डॉ. मुक्ता कौशिक और सुशील चौधरी सहित कई शिक्षक नेता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies