दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के ख़ादिम-ए-खास बाबा गुलाम जिलानी का 16वां सालाना उर्स क़ुल शरीफ की रस्म के साथ अकीदत व एहतराम के साथ सम्पन्न हो गया। उर्स में देश के कोने-कोने से पहुंचे सैकड़ों ज़ायरीन ने दरगाह पर हाजिरी लगाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया और मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और खुशहाली की दुआएं मांगीं।
उर्स का आगाज शुक्रवार को हुआ तीन दिनों तक चले उर्स में शिरकत करने हरियाणा, पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। शनिवार को बाद नमाज-ए-मग़रिब ग़ुस्ल की रस्म अदा की गई और नमाज-ए-ईशा के बाद लंगर-ए-आम का आयोजन हुआ। लंगर में बड़ी संख्या में ज़ायरीन ने शिरकत कर बरकत हासिल की।उर्स के मौके पर साहिबजादा शाह यावर अली ऐजाज कुद्दुसी साबरी की सरपरस्ती में सूफी राशिद की खानकाह में महफ़िल-ए-समा का आयोजन किया गया।जिसमें मशहूर क़व्वाल निज़ाम साबरी ने सूफियाना कलाम पेश कर माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया, जिससे अकीदतमंद देर रात तक झूमते रहे।रविवार सुबह उर्स की मुख्य रस्म क़ुल शरीफ अदा की गई। इस अवसर पर साबरी सिलसिले के सूफी हज़रात, मुरीदीन और बड़ी तादाद में ज़ायरीन मौजूद रहे। सभी ने देश में शांति, सौहार्द और भाईचारे की दुआएं मांगीं। क़ुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स सकुशल सम्पन्न हो गया।इस मौके पर सूफी इसरार साबरी, सूफी राशिद साबरी, शफीक साबरी, लियाकत साबरी, अकरम साबरी, समद साबरी, अब्दुल समद, रोहित साबरी, रघु साबरी, लक्की साबरी, शिव साबरी, शम्स अली, गुलाम ख्वाजा, मुनव्वर मीरहसन सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे।
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