
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की नगर निगम बोर्ड बैठक में तीखी नोकझोंक, कई प्रस्तावों पर पार्षदों का विरोध
रुड़की। नगर निगम सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही पार्षद समितियों के गठन की मांग को लेकर अड़ गए। उनका कहना था कि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद समितियों का चुनाव न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। हंगामे के बीच मेयर ने समितियों के लिए पार्षदों से नाम मांगे, जिसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
बैठक के दौरान 28 लाख रुपये के स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग प्रस्ताव का पार्षद राकेश गर्ग ने जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि एक लाइट की मरम्मत पर 800 रुपये दर्शाना उचित नहीं है और इसमें पारदर्शिता होनी चाहिए। वहीं कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक से पहले ही बिना जानकारी के तीन ट्रैक्टर खरीद लिए गए, जिस पर उन्होंने मेयर और अधिकारियों से जवाब मांगा।
पार्षद संजीव तोमर ने पनियाला रोड पर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नाला निर्माण की मांग उठाई। पार्षद कुलदीप तोमर ने पिछले बोर्ड में स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। निर्माण अनुभाग द्वारा एजेंडे में शामिल 80 विकास कार्यों के प्रस्तावों पर भी पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकतर कार्यों की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ड से जुड़े किसी भी कार्य से पहले संबंधित पार्षद को विश्वास में लिया जाए। इस पर नगर आयुक्त राकेश तिवारी ने भविष्य में पार्षदों को विश्वास में लेने का आश्वासन दिया।
बैठक में शॉपिंग मॉल निर्माण और नगर निगम द्वारा पेट्रोल पंप खोले जाने के प्रस्ताव पर भी कुछ पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया। चंद्रशेखर चौक पर घंटाघर बनाए जाने के प्रस्ताव का पार्षद प्रतिनिधि सूरज नेगी ने कड़ा विरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि वहां घंटाघर बनाया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं पार्षद शिवम अग्रवाल ने रामदयाल चौक पर घंटाघर निर्माण की मांग रखी।
एबीसी सेंटर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। पार्षद पंकज सतीजा और चारु चंद ने कहा कि कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी के लिए शुरू किया गया एबीसी सेंटर प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रहा है, जबकि शहर में कुत्तों की संख्या और काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि सेंटर में एक समय में 30 कुत्ते रखे जाते हैं और संचालित करने वाली कंपनी को प्रति कुत्ता 1079 रुपये दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि शहर में लगभग नौ हजार कुत्ते हैं और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।बैठक में मेयर अनीता अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय प्रजापति, रुड़की विधायक प्रतिनिधि विवेक चौधरी सहित कई पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।
विधायक प्रतिनिधि के रूप में फिर सक्रिय दिखे विवेक चौधरी
गत बोर्ड में तेज-तर्रार पार्षद रहे विवेक चौधरी इस बार कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के प्रतिनिधि के रूप में बैठक में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर परिपक्वता के साथ अपनी बात रखी, जिसे पार्षदों और अधिकारियों ने गंभीरता से सुना।
यूनीपोल टेंडर में राजस्व हानि का मुद्दा गरमाया
पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों से एक ही कंपनी को यूनीपोल टेंडर दिए जा रहे हैं और कंपनी ने दो प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी जमा नहीं की, जिससे निगम को भारी राजस्व नुकसान हुआ। मामले में संबंधित कंपनी पर कार्रवाई की मांग की गई। इसके साथ ही 25 यूनीपोल मात्र एक लाख रुपये में दिए जाने के प्रस्ताव का भी विरोध दर्ज कराया गया।बोर्ड बैठक में कई मुद्दों पर तीखी बहस और विरोध के बीच नगर निगम की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठे।
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