
दैनिक रुड़की (योगराज पाल):::
रुड़की। उत्तराखंड राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के हक की आवाज एक बार फिर बुलंद हुई है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आज हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उन आंदोलनकारियों को न्याय दिलाना था, जो वर्ष 2017 से चिन्हीकरण प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं।

संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला और केंद्रीय कोषाध्यक्ष कमला बमोला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि चिन्हीकरण न होने के कारण कई पात्र आंदोलनकारी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के लाभ से दूर हैं।काला ने जिलाधिकारी को तत्कालीन समिति द्वारा सत्यापित सूचियां भी सौंपी, जिनमें रुड़की तहसील के 260 राज्य आंदोलनकारी और हरिद्वार तहसील के 177 राज्य आंदोलनकारी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि इन सत्यापित सूचियों के आधार पर जल्द से जल्द प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ज्ञापन स्वीकार किया और आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस विषय पर गहनता से विचार करने और संबंधित पत्रावलियों की जांच के लिए 2 दिन का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और उनका अधिकार हमारी प्राथमिकता है। 2017 से लंबित प्रकरणों पर विचार कर जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी प्रदीप नेगी सहित अन्य सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने आशा व्यक्त की है कि प्रशासन के सकारात्मक रुख से सैकड़ों परिवारों को जल्द ही उनका हक मिल सकेगा।
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