
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
रुड़की/ लंढौरा। लंढौरा चौकी को थाना बनाए जाने की मांग को लेकर अब राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के माध्यम से तीखा विवाद सामने आया है।
खानपुर विधायक उमेश कुमार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए एक अन्य नेता पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “झूठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती” और इस विषय पर वे पिछले दो वर्षों से लगातार प्रयासरत हैं।
उमेश कुमार ने अपने पोस्ट में दावा किया कि उन्होंने 5 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर लंढोरा चौकी को थाना बनाने की मांग की थी। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए गृह सचिव को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।
उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं और डीजीपी उत्तराखंड द्वारा 30 तारीख को अंतिम प्रस्ताव गृह सचिव, उत्तराखंड शासन को भेज दिया गया है। अब केवल अंतिम स्वीकृति शेष है।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने विपक्षी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि “बीस साल विधायक रहने के बावजूद कार्य नहीं करा पाए, अब श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।” साथ ही यह भी कहा कि यदि वास्तव में किसी अन्य नेता ने प्रस्ताव दिया होता, तो वह मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज़ सार्वजनिक करते।
उमेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे बिना अंतिम निष्पादन के किसी कार्य का प्रचार नहीं करते, जबकि अन्य लोग “हवाबाज़ी” में लगे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन और डीजीपी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव की प्रतियां भी साझा करने की बात कही।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
इस पूरे प्रकरण के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लंढोरा चौकी को थाना बनाए जाने का मुद्दा अब श्रेय की राजनीति में बदलता नजर आ रहा है।
अब निगाहें अंतिम निर्णय पर
फिलहाल, सभी की नजरें राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो लंढोरा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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