
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा से शिष्टाचार भेंट कर शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अश्विनी चौहान ने किया। इस दौरान जिला मंत्री हेमेन्द्र चौहान, जिला कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष अश्विनी चौहान ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई पेंशन प्रणाली में भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, जबकि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन की आधारशिला है।
साथ ही उन्होंने वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की भी मांग उठाई, इसे प्राकृतिक न्याय के विपरीत बताया।जिला मंत्री हेमेन्द्र चौहान ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी है। इसके चलते शिक्षकों को पढ़ाई के साथ-साथ गैर-शैक्षणिक कार्य भी करने पड़ते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र कदम उठाने की मांग की।

जिला कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है और उनकी समस्याओं के समाधान से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को दायित्व ग्रहण करने पर बधाई भी दी। मंत्री प्रदीप बत्रा ने आश्वासन दिया कि शिक्षक समाज की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।प्रतिनिधिमंडल में राजेश चौहान, दिनेश बड़वाल, राजीव कुमार शर्मा, वीर सिंह पंवार, अमरीश वर्मा और रविन्द्र अग्रवाल सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
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