

दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
रुड़की। 85वें अखिल भारतीय ज्योतिष धर्म-अध्यात्म व सनातन महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ज्योतिष को भारत की सबसे प्राचीन और गौरवशाली विद्या बताते हुए कहा कि आदिकाल से भारत ज्योतिष एवं खगोलीय विज्ञान के क्षेत्र में पूरे विश्व का मार्गदर्शन करता आया है।
डॉ. निशंक ने कहा कि आधुनिक भौतिकवादी युग में जहां नए-नए वैज्ञानिक आविष्कार हो रहे हैं, वहीं हमें अपनी प्राचीन ज्योतिष प्रणाली को भी जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को ‘शून्य’ जैसी महान देन दी और यहां के गणितज्ञों व ज्योतिषाचार्यों ने वैज्ञानिक तथा भौगोलिक दृष्टि से विश्व को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि महाकुंभ में देशभर से आए ज्योतिषाचार्यों द्वारा किए गए गहन विचार-विमर्श का लाभ निश्चित रूप से समाज को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण एवं धार्मिक पंचांग को लेकर मतभेद उत्पन्न हो जाते हैं, लेकिन विद्वान ज्योतिषाचार्य समन्वय के माध्यम से उसका समाधान निकाल लेते हैं। आज के युग में भी ज्योतिष का विशेष महत्व बना हुआ है।
इस अवसर पर शंकराचार्य राजराजेश्वरम ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि हमारे देश के महान ज्योतिषाचार्यों की भविष्यवाणियां शत-प्रतिशत सत्य सिद्ध होती हैं, जिनका लाभ विदेशी एस्ट्रोलॉजर भी उठाते हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिष हमारी सनातन परंपरा, पुराणों और धार्मिक ग्रंथों से प्राप्त अमूल्य धरोहर है। भारत में ज्योतिष को जो स्थान मिलना चाहिए था, वह अभी तक नहीं मिला है, जिसके लिए सरकार को ठोस प्रयास करने चाहिए।

कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने देशभर से पधारे ज्योतिषाचार्यों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य प्राचीन ज्योतिष विद्या को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है और इसे बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
महाकुंभ का शुभारंभ विधिवत यज्ञ व हवन के साथ हुआ। कार्यक्रम में आए सभी ज्योतिषाचार्यों एवं अतिथियों को स्मृति-चिन्ह और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्वान ज्योतिषाचार्यों सहित भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, मेयर अनीता देवी अग्रवाल, पूर्व मेयर गौरव गोयल तथा अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
स्वर्गीय डॉ. श्यामलाल सैनी की स्मृति में आयोजित इस भव्य ज्योतिष महाकुंभ ने सनातन परंपरा, अध्यात्म और ज्योतिष विद्या के महत्व को पुनः रेखांकित किया।
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