दैनिक रुड़की (रियाज कुरैशी)::
रुड़की।रमजान उल मुबारक का दूसरा जुमा नगर व आसपास के क्षेत्रों में अकीदत के साथ शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुआ।रुड़की नगर की प्रमुख जामा मस्जिद में जुमा की नमाज मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने अदा कराई,जबकि जुमा से पहले तकरीर करते हुए मदरसा रहमानिया के प्रधानाचार्य मौलाना अजहर उल हक ने कहा कि रमजान का महीना नेकियों का महीना है।रमजान का पहला अशरा रहमतों का असरा अब खत्म खत्म होने वाला है और कल से रमजान का दूसरा अशरा मगफिरत का अशरा शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि रमजान में एतकाफ का भी बड़ा महत्व है,जिसमें रोजेदार प्रत्येक मस्जिदों में आखिरी दस दिनों में एतकाफ की नीयत से बैठकर इबादत करते हैं।इस अशरे में रोजेदार तमाम गुनाहों से पाक हो जाता है।उन्होंने कहा कि रमजान में मोमिनों को दिल खोलकर गरीब बेसहारा और मजलूम लोगों की मदद करनी चाहिए।अल्लाह ताला ने भी यही पैगाम दिया है,क्योंकि रमजान का महीना बड़ा बरकतों वाला है,इसलिए इस महीने में हमें समाज के हर जरूरतमंद आदमी की मदद और उसकी सेवा करनी चाहिए।
रमजान में अल्लाह हर नेकी का सवाब सत्तर गुना बढ़ा देता है,इसलिए कोशिश रहे कि प्रत्येक मुसलमान ज्यादा से ज्यादा इबादत करें और अल्लाह के बंदों की खिदमत करें।कारी मोहम्मद शमीम ने मदरसा लाठरदेवा स्थित मस्जिद में जकात,सदका,फितरा के बारे में बताते हुए कहा कि रोजा केवल इबादत ही नहीं,बल्कि इसमें बेशुमार मर्जों की दवा भी है।
रोजा रखने से इंसान रूहानी तौर पर पाकिजा हो जाता है।उन्होंने बताया कि इस बार फित्रे की रकम पचास रुपए तय की गई है।मौलाना अरशद कासमी,मौलाना मोहम्मद हारुन,कारी नफीस अहमद,मौलाना मोहम्मद यूसुफ,कारी जाकिर हुसैन,कारी कलीमुद्दीन,कारी मोहम्मद जफर,हाफिज अशरफ हुसैन,कारी सरफराज अली, आदि ने भी रमजान की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस मौके पर इंजीनियर मुजीब मलिक,डॉक्टर नैयर काजमी,कुंवर जावेद इकबाल,हाजी मोहम्मद सलीम खान,हाफिज मोहम्मद वसीम,हाजी मोहम्मद मुस्तकीम,कारी एहतेशाम,कारी कलीम अहमद,हाजी नौशाद अहमद,इमाम नदीम उल हक,शेख अहमद जमांं,इमरान देशभक्त,एडवोकेट कौसर सिद्दीकी,हाजी गुलफाम अहमद,अता उरर्हमान अंसारी,बिट्टन त्यागी,सलमान फरीदी आदि बड़ी संख्या रोजेदारों ने नमाज अदा की।
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