
दैनिक रुड़की (योगराज पाल):::
रुड़की। मदरहुड विश्वविद्यालय के क्रीड़ा प्रांगण में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता ‘प्रतिस्पर्धा-2026’ का हर्षोल्लास के साथ उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और कर्मचारियों की भारी भागीदारी रही। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि 'हिंद केसरी' एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता सुभाष वर्मा (महाबली सुभाष) और कुलपति प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। मुख्य अतिथि को गदा और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।


खेल व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम: मुख्य अतिथि
अर्जुन पुरस्कार विजेता सुभाष वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मैदान में सीखा गया अनुशासन और टीमवर्क जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है। उन्होंने हार-जीत से ऊपर उठकर खेल भावना और निष्पक्षता के साथ प्रदर्शन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के युग में मानसिक सुदृढ़ता के लिए खेलों से जुड़ना अनिवार्य है।


सर्वांगीण विकास का आधार हैं खेल: कुलपति
कुलपति प्रो. नरेंद्र शर्मा ने खेलों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है; खेल हमें समय-प्रबंधन और धैर्य सिखाते हैं। कुलपति ने मशाल जलाकर और गुब्बारे छोड़कर प्रतियोगिता के शुरू होने (मीट ओपन) की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि हार हमें कमियां पहचानने का मौका देती है, जबकि जीत आत्मविश्वास बढ़ाती है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी महाशुभ और ध्रुव ने मशाल दौड़ का नेतृत्व किया।


209 टीमें और 25 प्रतिस्पर्धाएं
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. कृष्णपाल ने बताया कि इस वर्ष ‘प्रतिस्पर्धा-2026’ में 25 विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें विभिन्न संकायों की 209 टीमें हिस्सा ले रही हैं। उद्घाटन के बाद 200 मीटर दौड़ (बालक एवं बालिका वर्ग) और वॉलीबॉल मैचों के साथ स्पर्धाओं की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लता आर्या ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।
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