दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
देहरादून। प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समीर आलम ने उत्तराखंड क्रांति दल के नेता आशीष नेगी पर पहाड़ और मैदान की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नेगी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जो प्रदेश की एकता को कमजोर करते हैं।
समीर आलम ने कहा कि आशीष नेगी कभी पहाड़वाद की बात करते हैं तो कभी मैदानी लोगों को गुरुकुल नरसन बॉर्डर के बाहर भेजने जैसे बयान देते हैं। “ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। आखिर उन्हें इतनी छूट क्यों दी जा रही है?” उन्होंने सवाल उठाया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेगी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, जबकि उनके खिलाफ खुद 30–35 मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। आलम ने कहा कि जिन पर इतने मामले दर्ज हों, उन्हें कानून की बात करना शोभा नहीं देता और उन्हें जनता को बताना चाहिए कि ये मुकदमे क्यों दर्ज हुए।
समीर आलम ने आगे कहा कि कुछ लोग पहाड़-मैदान के नाम पर शांत उत्तराखंड का माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने पूछा कि आशीष नेगी क्यों नहीं खुलकर कहते कि पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर को भी स्थायी मूल निवास प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर उत्तराखंड क्रांति दल का कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
उन्होंने आशंका जताई कि आम जनता और पुलिस प्रशासन में भी पहाड़-मैदान का विभाजन करने की कोशिश हो सकती है। आलम ने यह भी कहा कि संभव है इसी सोच के तहत देहरादून पुलिस के कप्तान अजय सिंह को निशाना बनाया जा रहा हो।अंत में समीर आलम ने कहा, “पूरा उत्तराखंड एक है न कोई पहाड़ी, न कोई मैदानी। हम सब भाई हैं और अपने प्रदेश का माहौल किसी को भी खराब नहीं करने देंगे।
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