दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य क्रांतिकारी शहीदों के बलिदान से बना है, लेकिन राज्य गठन के बाद सरकारें उन उद्देश्यों और सपनों पर खरी नहीं उतर सकीं जिनके लिए आंदोलन किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बचाने के लिए राज्य के संसाधनों का दोहन किया गया, जिसके चलते जल, जंगल, जमीन, रोजगार, स्वास्थ्य और पहाड़ों से पलायन जैसे मुद्दे आज भी जस के तस बने हुए हैं।

कुकरेती एक होटल में संगठन विस्तार को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों पर लोगों की भावनाओं से खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और सत्ता के लिए लोगों को आपस में लड़ाया जा रहा है। साथ ही महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को बचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
हरिद्वार जनपद से जुड़े भावी मुद्दों पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सीमा में रहने वाले सभी लोग उत्तराखंडी हैं और सभी को समान अधिकार मिलना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य के उद्योगों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का शासनादेश उत्तराखंड क्रांति दल ने ही लागू कराया था, जिसे सत्ता में आने पर पूरी तरह लागू किया जाएगा।
कुकरेती ने किसानों को राज्य में गन्ने का सबसे अधिक मूल्य दिलाने, सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने और रुड़की को पूर्ण संवैधानिक जिला बनाने का वादा किया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष कानून लाने और किसी भी अत्याचार की स्थिति में तुरंत कानूनी उपचार उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही।
इस दौरान दीपक लाखवान को रुड़की जिला संयोजक नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, पूर्व केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास, पूर्व उपाध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय, महामंत्री संगठन गणेश काला, नितिन सैनी, केंद्रीय प्रवक्ता राजेश्वरी रावत, लक्ष्मी रावत सहित कई पदाधिकारियों का माल्यार्पण और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया।कार्यक्रम में शिव कुमार सैनी, जयभारत सिंह रावत, आनंद चौधरी, धर्मेंद्र शर्मा, ब्रह्मसिंह धीमान, मेनपाल, राजेंद्र चौधरी, आनंदराज, सतेन्द्र शर्मा, दिनेश धीमान समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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