कर्णवाल बोले अपने आपको चैम्पियन कहने वाले ने नही खेला कभी गिल्ली डंडा भी-सर्कस का शेर बताया-और क्या बोले पढ़े पूरी खबर……..

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दैनिक रुड़की ब्यूरो::-

रूड़की। झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने खानपुर द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र मामले में लगाए गए आरोपो को नकारा है। उन्होंने कहा कि उस समय चैम्पियन ने अपने प्रभाव के कारण वह गलत प्रमाण पत्र बनवाये थे। वहीँ कर्णवाल ने कहा है कि खानपुर विधायक अपने आपको चैम्पियन बताते है हकीकत में उन्होंने कभी गुल्ली डंडा भी नही खेला। साथ ही कर्णवाल ने कहा कि वह अपने आपको राजा लिखते है वह भी नही है। कर्णवाल ने एक शायरी के माध्यम से चैम्पियन को सर्कस वाला शेर बताया। साथ ही अपने आपको चैम्पियन से वरिष्ठ बताया है।

रुड़की में वोट क्लब स्थित अपने कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि 2005 में वह जिला पंचायत सदस्य थे और खानपुर विधायक की पत्नी अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही थी तो चैम्पियन उनसे वोट मांगने आये थे जब वोट देने से इनकार कर दिया तो मेरे प्रमाण पत्र फर्जी बताकर अपने गुर्गों से फर्जी केश दर्ज करवाया। कर्णवाल के अनुसार चैम्पियन सत्ताधारी पार्टी के विधायक थे और उस सत्ता का गलत इस्तेमाल करना चाह लेकिन वह सब जांच में झूठे साबित हुए। कर्णवाल ने कहा कि जब वह जिला पंचायत सदस्य थे और चैम्पियन विधायक इसलिए उनकी सुनवाई सही से नही हुई। उन्होंने कहा कि वह अब चैम्पियन से वरिष्ठ विधायक हूँ क्योंकि मैं सभापति भी हूँ वह सिर्फ विधायक हैं। कर्णवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि खानपुर विधायक अपने आपको गलत तरीके से चैम्पियन लिखते है कभी उन्होंने कोई खेल खेला है तो उसका प्रमाण सार्वजनिक करें। कर्णवाल ने यह तक कहा कि चैम्पियन ने कभी गुल्ली डंडा तक नही खेला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चैम्पियन आईएफएस भी नही है। केवल ग्रेजुएशन किये हुए है जबकि मैं उनसे ज्यादा शिक्षित हूँ। कर्णवाल ने कहा कि वह अपने आपको राजा बताते हैं जबकि वह राज परिवार से हैं ही नही वह केवल एक सामंत है जो टैक्स वसूला करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोमवार को चैम्पियन और उनके आदमी पप्पू सिंह के खिलाफ मानहानि का मूकदमा कोर्ट में दर्ज करवाएंगे। अंत मे उन्होंने एक शायरी के माध्यम से चैम्पियन को सर्कस का शेर कहा।

चैम्पियन के ताऊ की मैने की मदद….

कर्णवाल ने कहा कि जब लंढौरा महल पर हमला हुआ था तब मैंने वहां जाकर धरना दिया और उनकी लड़ाई लड़ी। जबकि चैम्पियन मौके से फरार हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चैम्पियन ने अपने निर्दोष ताऊ को पुलिस को सौंप दिया था मैंने तो उनकी मदद की थी। उन्होंने कहा कि इसके बदले ही चैम्पियन के ताऊ ने उनका प्रचार किया जिसके लिए भी चैम्पियन ने रोक लगाने का प्रयास किया था।

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